जोर_क्षेत्रों_और_परिप्रेक्ष्य_योजनाएं
19_शताब्दी_के_बाद_वाले_समय_में_जब_जनता_का_स्वास्थ्य_राष्ट्रिय_और_अंतर_राष्ट्रीय_स्तर_पर_शोथ_का_मुख्य_क्षेत्र_बन_गया_था_तब_केंद्र_को_नई_समस्याओं_का_सामना_करना_पड़ा_।_निम्नलिखित_केंद्र_के_मुख्य_जोर_क्षेत्र_हैं:
►_स्वास्थ्य_सेवा_प्रणाली_शोथ
►_महामारी_की_बिमारियां_संचारी_रोग,_इसके_पुनरुत्थान_और_नयी_महामारी_के_विशेष_संदर्भ_के_साथ_;
►_मात्रात्मक_महामारी_विज्ञान
►_कमजोर_पर_विशेष_ध्यान_देने_के_साथ_पोषण_और_स्वास्थ्य
►_जनगणना_योजना
►_जनगणना_योजना
►_चिकित्सक_समाज,_चिकित्सक_मनोविज्ञान_और_स्वास्थ्य_आर्थिकत
►_स्वास्थ्य_की_राजनीतिक_अर्थव्यवस्था;
►_जनगणना_इतिहास
नए_क्षेत्र_जिसमे_कार्य_शुरू_करने_की_आवश्यकता_है_:
स्वास्थ्य_सेवा_प्रदान_करने_के_लिए_अन्य_तरीके_के_रूप_में_लोकातान्त्रिककरण_और_विकेंद्रीकरण
►_स्वास्थ्य_में_अस्वास्थ्य_सेवा_का_आगमन
►_शहरी_स्वास्थ्य
►_स्वास्थ्य_कानून
►_जैव_नैतिकता
►_स्वदेशी_प्रणाली_और_मुख्य_स्वास्थ्य_सेवा_
►_अंतरराष्ट्रिय_व्यापार,_कानून_और_स्वास्थ्य