3._विश्वविद्यालय_द्वारा_होस्टल_आवास_के_आवंटन_के_लिए_मानदंड_निम्नानुसार_है:
पहली_प्राथमिकता
(क)_छात्र_अध्ययन_के_एक_पूर्णकालिक_कार्यक्रम_में_भर्ती_कराया_और_जो_दिल्ली_से_बाहर_के_स्थानों_से_उनकी_योग्यता_परीक्षा_उत्तीर्ण_की_और_उन_को_छोड़कर_दिल्ली_के_निवासी_हैं,_जो_एक_स्तर_है_जिस_पर_छात्र_पहले_से_ही_एक_डिग्री_है_या_पढ़ाई_का_अनुसरण_किया_में_भर्ती_हैं_नहीं_हैं_जेएनयू_में_(एक_ही_स्तर_पर)_होस्टल_आवास_के_साथ।
(ख)_जो_दिल्ली_से_उनकी_योग्यता_परीक्षाओं_बीत_चुके_हैं_लेकिन_मान्यता_प्राप्त_विश्वविद्यालय_/_कॉलेज_हॉस्टल_में_रह_चुके_हैं_और_दिल्ली_के_निवासी,_प्रभाव_के_लिए_कॉलेज_/_संस्थान_के_प्रमुख_से_छात्रावास_आवेदन_के_साथ-साथ_उनके_प्रस्तुत_दस्तावेजी_सबूत_के_अधीन_नहीं_हैं_कि_वह_छात्र_/_वह_एक_निवासी_छात्र_रह_चुके_थे।
(ग)_जो_आवास_के_लिए_उनके_निजी_व्यवस्था_बनाने_के_द्वारा,_लेकिन_एक_ही_समय_में_दिल्ली_संस्थानों_से_उनकी_योग्यता_परीक्षाओं_बीत_चुके_हैं_उनके_विश्वविद्यालय_के_अधिकारियों_की_संतुष्टि_के_लिए_एक_दस्तावेजी_साक्ष्य_प्रस्तुत_करने_के_लिए_दिल्ली_के_विषय_में_उनके_परिवार_के_निवास_की_जरूरत_नहीं_है_छात्र।_